पर्याप्त नहीं है
पर्याप्त नहीं है न्यायप्रिय होना क्योंकि अन्याय बहुतों को प्रिय है और वे अन्याय…
पर्याप्त नहीं है न्यायप्रिय होना क्योंकि अन्याय बहुतों को प्रिय है और वे अन्याय…
कठिन है क्या दूसरों को वो रास्ता दिखाना जिस पर कभी हम चले ही न हों क्य…
आज कहीं जाना है तुमको आज हमें भी जाना है समय नहीं है पास मेरे क्या …
अचरज में हूँ कि आज मुझे यूँ छोड़ तुम्हें क्यों जाना है जो साथ तुम्हारे बीता है…